सतना – इन दिनों शिक्षा विभाग में हमारे शिक्षक ऐप के माध्यम से शिक्षकों द्वारा ई अटेंडेंस लगाये जाने संबंधी अफसरशाही आदेश वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रसारित किए जा रहे हैं, जिनके परिपालन में समस्त संकुल प्राचार्यों द्वारा भी अपने अधीनस्थ संस्था प्रमुखों और शिक्षकों को उक्त आदेश के पालन हेतु संदर्भित पत्र का हवाला देकर लगातार पत्र जारी कर शिक्षकों को ई अटेंडेंस लगाने पर ज़ोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में मझगवां विकासखण्ड अंतर्गत आने वाले शुकवाह संकुल के प्राचार्य द्वारा एक ऐसा पत्र जारी किया गया है जिसमें लिखी गई भाषा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रसारित आदेशों की भाषा से पूर्णतः भिन्न व तुगलकी है। अपने आपको शासन प्रशासन से ऊपर समझने वाले संकुल प्राचार्य शुकवाह श्री आर बी विश्वकर्मा द्वारा दिनाँक 23 अगस्त 2025 को जारी किए गए अपने आदेश में अपने संकुल अंतर्गत ई अटेंडेंस न लगाने वाले शिक्षकों को संस्था की कर्मचारी पंजी में हस्ताक्षर न करने दिया जाय या हस्ताक्षर न कराया जाय संबंधी तुगलकी शब्द या भाषाशैली शिक्षकों की गरिमा और स्वाभिमान को ठेस पहुंचाने वाली है। विश्वससूत्रो से प्राप्त जानकारी अनुसार सरकार द्वारा बनाये गए हमारे शिक्षक ऐप में कुछ तकनीकी कमियों के कारण दूरस्थ या कमजोर मोबाइल नेटवर्क क्षेत्रों में अभी भी यह ऐप ठीक से काम नहीं कर रहा है जिससे वहां पर ऐप के माध्यम से आज भी शिक्षकों की उपस्थिति नहीं लग रही है। ऐसे में उन स्थानों पर कार्यरत शिक्षकों की उपस्थिति, कर्मचारी पंजी द्वारा प्रमाणित मानकर ही वरिष्ठ कार्यालयों द्वारा उनका वेतन भुगतान किया जाता है। किन्तु संकुल प्राचार्य शुकवाह आर बी विश्वकर्मा द्वारा जारी आदेश दूरस्थ या जंगली क्षेत्रों के बहुत से शिक्षक साथियों को वित्तीय और आर्थिक रूप से कष्ट देने वाला साबित हो सकता है। शासन प्रशासन और शिक्षा विभाग के जिले के मुखिया तथा पूरे ज़िले भर के संकुल प्राचार्यों में अपने आप को श्रेष्ठ समझने वाले मझगवां विकासखण्ड के शुकवाह संकुल प्राचार्य का उक्त आदेश शुकवाह सहित विकासखण्ड के समस्त शिक्षकों की गरिमा और सम्मान पर एक प्रहार का रूप लेता जा रहा है और उक्त आदेश में प्रयुक्त शब्दों के कारण शिक्षकों द्वारा विरोध व आंदोलन की नीति अपनाने की बातें नज़र आ रही है। शुकवाह सहित सम्पूर्ण विकासखण्ड के शिक्षकों का कहना है कि ई अटेंडेंस के पालन हेतु जारी आदेश में किसी भी संकुल प्राचार्य द्वारा जब ऐसी नियमविरुद्ध भाषाशैली का प्रयोग नहीं किया गया तो क्या शुकवाह संकुल प्राचार्य अपने आपको सबसे श्रेष्ठ साबित करना चाहते हैं??
शिक्षक ऐप के माध्यम से अटेंडेंस लगाए जाने पर अफसरशाही आदेश हो रहे जारी
