सतना – कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने सतना जिले के भवनों में राज्य शासन द्वारा जारी किये गये फायर सेफ्टी संबंधी निर्देशों का पालन सख्ती से किये जाने के निर्देश दिये है। कलेक्टर द्वारा आयुक्त नगर निगम, सभी नगरीय निकाय, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण, सहायक यंत्री विद्युत सुरक्षा एवं समस्त कार्यालय प्रमखों को इस संबंध में निर्देश जारी किये हैं।
कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि राष्ट्रीय भवन संहिता के खण्ड 4 की कंडिका क्र. 12 में यथा उल्लेखित सभी भवनों में अग्नि सुरक्षा संबंधी प्रावधान ऐसे भवनों के स्वामी द्वारा कराया जाना अनिवार्य होगा जिनमें 15 मीटर से ऊंचे समस्त भवन, आवासीय एवं धार्मिक सामुदायिक भवनों को छोडकर एक तल पर 500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले समस्त भवन, कोई अस्पताल, होटल जिसमें 50 से अधिक पलंग हो। पूर्व से निर्मित भवन में फायर सेफ्टी प्लान, निर्धारित 2 माह की समयावधि में भवन संचालक/स्वामी द्वारा अग्निशमन अधिकारी को प्रस्तुत नहीं किया जाता तो प्रतिदिन 500 रूपये की दर से दण्ड भवन स्वामी पर लेवी किया जायेगा जो एक वर्ष पश्चात 1000 रूपये प्रतिदिन की दर से देय होगा। अनुमोदित फायर सेफ्टी प्लान के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने के उपरांत फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी किया जायेगा जिसकी अवधि 3 वर्ष की रहेगी।
म.प्र. शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशानुसार अग्निशमन प्राधिकारी अपने-अपने प्रभार के क्षेत्रांतर्गत विशेष अभियान चलाकर आने वाले भवनों, प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर उनके अधिभोगी/स्वामी को फायर प्लान प्रस्तुत करने के निर्देशित करेंगे और निर्धारित बिंदुओं के अनुसार भवनों का निरीक्षण कर मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम 2012 राष्ट्रीय संहिता एनबीसी तथा फायर सेफ्टी संबंधित शासन के निर्देशों का पालन करायेंगे। अग्नि सुरक्षा/फायर अनापत्ति के संबंध में प्रत्येक टीएल में समीक्षा कलेक्टर द्वारा की जायेगी।