जहांगीराबाद (सीतापुर)। यज्ञ कार्य बहुत पुनीत कार्य है यज्ञ में आहुतियों के रूप में प्रयुक्त होने वाली सुगंधित सामग्रियों एवं शुद्ध देसी घी से उत्पन्न धुएं से वातावरण सुगंधित होता है और तमाम प्रकार की व्याधियां नष्ट हो जाती है। पुराने समय में जब कोई महामारी फैलती थी या वर्षा रुक जाती थी तो यज्ञ कार्य कराया जाता था।यह यज्ञकर्म बहुत से सनातनियों के दैनिक कार्यों में शामिल है।यह बातें श्री महालक्ष्मी ज्ञान यज्ञ एवं संगीतमयी श्री राम कथा व मानस सत्संग सम्मेलन के सातवें और अंतिम दिन प्रवचन देते हुए यज्ञाचार्य पं० आलोक शास्त्री ने कही।
इससे पूर्व यज्ञाचार्य ने दोपहर में हवन पूजन एवं आरती के साथ विगत सात दिनों से हो रही यज्ञ की पूर्णाहुति करायी। प्रमुख यज्ञमान राम नरेश वर्मा ने वैदिक विधान के साथ लगातार सात दिनों तक नियमों का पालन करते हुए पूजा प्रतिष्ठा आदि करते हुए बुधवार को पूर्णाहुति करायी। इसके पश्चात यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद विशाल भंडारा आयोजित किया गया जो देर शाम तक चलता रहा जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।इस दौरान अध्यक्ष सर्वेश कुमार वर्मा सहित गांव तथा क्षेत्र के तमाम श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।