जहांगीराबाद (सीतापुर)।श्रष्टि की सभी योनियों में मनुष्य योनि ही सर्वश्रेष्ठ है। अगर मानव शरीर धारण करने के बाद भी मनुष्य अपने अन्दर विद्यमान ईश्वरीय शक्तियों को नहीं पहचान सका तो उसका जीवन व्यर्थ चला जाता है इसलिए अपने को जानने और पहचानने का प्रयास करो।यह बातें निकटवर्ती नींबा डेहरा गांव में विगत छः दिनों से हो रही श्री महालक्ष्मी ज्ञान यज्ञ एवं संगीतमयी श्री राम कथा व मानस सत्संग सम्मेलन के छठे दिन प्रवचन देते हुए आचार्य सुधीर चन्द्र अवस्थी ने कही।
उन्होंने कहा कि मानव स्वयं ही दिव्य विभूतियों का भण्डार है लेकिन मोह माया के गर्त में फंसकर वह अपनी पहचान भुलाये बैठा है। सारा बृह्माण्ड उसी में समाया हुआ है जरूरत है सिर्फ उसे जानने और पहचानने की। मनुष्य को अपने कर्मों का फल इसी जन्म में भोगना पड़ता है यह जानकर हमेशा आचरण में शुद्धता रखते हुए अनैतिक कार्यों से बचना चाहिए।
गत शुक्रवार से लगातार दिन और रात्रि में सैकड़ों भक्त उपस्थित होकर पावन श्री रामकथा के सुन्दर प्रसंगों को सुनकर अपने को धन्य कर रहे हैं। रात्रि में कथा के बीच बीच भगवान के विविध स्वरूपों की सुन्दर सजीव झांकियों का भी प्रदर्शन किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य यज्ञमान राम नरेश वर्मा व समिति के अध्यक्ष सर्वेश कुमार वर्मा सहित गांव तथा आसपास क्षेत्र के सैकड़ों धर्म प्रेमी लोग उपस्थित रहे। बुधवार होगी पूर्णाहुति एवं भंडारा होगा।
फोटो परिचय –
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