लखनऊ – महाराजा लाखन पासी के राज मे न्याय व्यवस्था बहुत उत्तम थी। उनके जैसा शासन नहीं देखने को मिलता है। वो प्रजा के निचले स्तर तक की भोजन, पानी, स्वास्थ्य एवं शिक्षा आदि मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सदैव तत्पर रहते थे। उन्हें अन्याय बिल्कुल बर्दाश्त नहीं था। उन्ही के नाम पर उत्तर प्रदेश की राजधानी का नामकरण लखनऊ किया गया। न्यायप्रिय और सुराज की स्थापना करने वाले बलिदानी महाराजा लाखन सिंह को उपेक्षित किया गया तो हृदय को बहुत पीड़ा हुई। यह बातें एक्शन विचार समाचार के साथ विशेष वार्ता करते हुए राष्ट्रीय पासी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद रावत ने कही। श्री रावत इन दिनों महाराजा लाखन पासी के जन्मदिवस के अवसर पर संगठन की तरफ से आयोजित महोत्सव की तैयारी मे व्यस्त हैँ। उन्होंने कहा की इतनी दुःखद बात है की ज़ब पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लखनऊ मे महापुरुषों की प्रतिमाएँ स्थापित करवा रही थीं तो हमारे महाराजा लाखन पासी को उपेक्षित कर दिया। जिसका परिणाम भी उन्हें भुगतना पड़ा। स्थानीय लोगों ने उन्हें सिरे से नकार दिया। श्री रावत ने आगे कहा की हमलोगों ने पचीस वर्ष पूर्व राष्ट्रीय पासी महासंघ की शुरुआत की थी। तब से लगातार पूरे देश मे अपने समाज के लोगों के उथान के लिए प्रयासरत हैँ। हर साल हम लोग 16 अक्टूबर को महाराजा लाखन पासी का जन्मदिवस महोत्सव के रूप मे मनाते हैँ। युवाओं को महाराजा राम लाखन पासी एवं वीरांगना उदा देवी का पावन चरित्र के बारे मे बताते हैँ और उनके जीवन चरित्र से शिक्षा लेने के लिए प्रेरित करते हैँ। श्री रावत ने आगे कहा की यह देश की विडंबना है की देश के लिए बलिदान करने वाले लोगों को उपेक्षित कर विदेशियों और उनका साथ दे देश को खोखला करने वाले लोगों को प्रतिष्ठा प्रदान की जाती रही है।

हमारी मांग है वन नेशन वन एजुकेशन
लखनऊ – श्री रावत ने आगे कहा की देश मे दोहरी शिक्षा नीति है। उदाहरण के तौर पर सरकारी स्कूलों मे इंग्लिश कक्षा 6 से पढ़ाई जाती है। इंग्लिश मीडियम स्कूलों मे बच्चे शुरुआत ही अंग्रेजी से करते हैँ। प्रतियोगी परीक्षाओ के लिए वर्तमान मे इंग्लिश बहुत महत्वपूर्ण है। ऐसे मे दोहरी शिक्षा नीति के चलते हिंदी माध्यम के छात्र या गरीब छात्र के साथ अन्याय होता है। हम सरकार से मांग करते हैँ की वन नेशन वन एजुकेशन। इसके साथ ही हम वक्फ बोर्ड के वर्तमान विवाद मे सरकार के साथ खड़े हैं।
संगठन के संघर्ष से आरम्भ हुआ वीरांगना उदा देवी और महारानी बिजली पासी का डाक टिकट
लखनऊ – श्री रावत ने आगे जानकारी दी है की पासी महासंघ के के संघर्ष के बाद ही केंद्र सरकार ने वीरांगना उदा देवी और महाराजा बिजली पासी का डाक टिकट शुरू किया था। इसके आलावा हमारे संगठन के अथक प्रयास के चलते ही वीरांगना उदा देवी पासी कैंट का निर्माण जबलपुर मे सम्भव हो सका। इसके अतिरिक्त हमारे संगठन ने कांग्रेस काल से ही गरीबो की मुफ्त बिजली और शौचालय की मांग कर रही थी। मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल को ज्ञापन भी दिया था। हमारी इन मांगों को मोदी सरकार ने गंभीरता से लिया। मुफ्त बिजली, शौचालय निर्माण और स्वाथ्य सेवाओं की शुरुआत की। हमारे ही संघर्ष के चलते लखनऊ वृन्दावन सेक्टर 19 चौराहे का नामकरण पासी चौराहा हुआ।
… अभी बहुत काम करना बाकी है
लखनऊ – श्री रावत ने आगे कहा की देश और समाज के लिए अभी बहुत काम करना बाकी है। उन्होंने कहा की हमारे समाज से एक भी व्यक्ति आजतक राज्यपाल, चीफ मिनिस्टर और सुप्रीम कोर्ट मे जज आदि महत्वपूर्ण दायित्व नहीं पा सका है। इसके आलावा कई स्थानों पर हमारे समाज के लोगों को जातीय प्रमाण पत्र नहीं दिया जाता है जो बहुत दुःखद है। अन्य भी बहुत सी समस्याएँ हैँ जिनपर संस्था कार्य कर रही है। और कार्य करने की योजना बना रही है।
16 नवंबर को मनाया जायेगा वीरांगना उदा देवी का जन्मदिवस
लखनऊ – श्री रावत ने जानकारी दी है की वीरांगना उदा देवी का जन्मदिवस 16 नवंबर को जबलपुर मे वीरांगना उड़ा देवी पासी कैंट पर मनाया महोत्सव के रूप मे मनाया जायेगा। उन्होंने बताया की वीरांगना उदा देवी ने आजादी की लड़ाई मे 36 अंग्रेजो को अकेले मार गिराया था। दुनिया के इतिहास स्वतात्रता समर मे ऐसा बलिदान करने वाली कोई दूसरी वीरांगना नहीं है। आज की युवतियों को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
अक्षमों की मदद के लिए आगे आएं सक्षम
लखनऊ – विशेष वार्ता के दौरान अंत मे श्री रावत ने सन्देश दिया है की यदि समाज मे सक्षम व्यक्ति अक्षम व्यक्ति की मदद को आगे आ जाये तो बहुत बड़ा परिवर्तन हो जायेगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया है की अच्छी चीजें कहीं से भी मिले उसे स्वीकार करना चाहिए। और बुराई का तिरस्कार करना चाहिए। हम लोगो को यही प्रेरणा देना चाहते हैँ और इसी लाइन पर अपना जीवन जीते रहना चाहते हैँ।